

वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज गाजीपुर
गाजीपुर। शहर के मिश्र बाजार स्थित सचिन गारमेंट के संचालक सचिन चौरसिया के अपहरण के प्रयास के बहुचर्चित मामले में अदालत ने फरार आरोपी शंकर पांडेय के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उसकी संपत्ति की कुर्की की उद्घोषणा का आदेश जारी किया है। अपर सत्र न्यायाधीश (कक्ष संख्या-1) शक्ति सिंह की अदालत ने यह आदेश तब पारित किया, जब गैर-जमानती वारंट जारी होने के बावजूद आरोपी लगातार न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ।
अदालत ने पुलिस को नियमानुसार कुर्की की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई को निर्धारित की गई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 5 सितंबर 2024 को शहर कोतवाली क्षेत्र के मिश्र बाजार स्थित सचिन गारमेंट पर शंकर पांडेय अपने साथियों कमलेश बिंद, शिवम और योगेश यादव के साथ स्कॉर्पियो वाहन से पहुंचा था। आरोप है कि आरोपियों ने दुकान संचालक सचिन चौरसिया के साथ मारपीट की और जबरन वाहन में बैठाकर उनका अपहरण करने का प्रयास किया।
बताया गया कि महुआबाग की ओर जाते समय रास्ते में जाम लग गया। इसी दौरान पीड़ित के भाई और स्थानीय लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया, जिससे घबराकर आरोपी सचिन चौरसिया को छोड़कर मौके से फरार हो गए।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पहले भी शंकर पांडेय के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर पुलिस को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने का आदेश दिया था। लेकिन आरोपी के लगातार फरार रहने और अदालत में पेश न होने पर अब उसके खिलाफ कुर्की की उद्घोषणा का आदेश जारी किया गया है।
उल्लेखनीय है कि शंकर पांडेय शहर के चर्चित विनीत राय हत्याकांड का भी आरोपी है। पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। इस हत्याकांड में शंकर पांडेय के अलावा आलोक दुबे, सानू यादव, कमलेश बिंद सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। इनमें से सह-आरोपी कमलेश बिंद पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका है, जबकि अन्य आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं।
अदालत के इस आदेश को फरार आरोपियों के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया को तेज करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब यदि आरोपी निर्धारित समय के भीतर न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं होता है, तो उसकी संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई आगे बढ़ाई जा सकती है।















